Posted by: RAJ | May 8, 2011

Koi Apna!!!

तुमसे अब तक मिला नही था, फिर भी पहचानी सी लगती हो
अकेले अक्सर मिलती हो सपनो में , भीड़ में अंजानी सी लगती हो |

उस भीड़ में बुला कर रोकना चाहा कई बार , तेरा नाम जुबान् पर आया ऩही
कई नाम दिए है मैने तुझे , तुझे देख कर वो भी याद आयें नही |

तेरे रूप को शब्दो में ढालने की कोशिशे हमने की कई बार
निशब्द हो जाती हमारी कलम , जब भी सोचते तुम्हे हर बार |

हँसी सुनकर तुम्हारी ,दिल की धड़कन बढ़ जाती हमारी..
तुमहारी आवाज़ सुन कर जो सुकून हमए मिलता है, तुम इस दिल के करीब हो इसका गुमान होता है|

जब भी गालो को फूला कर रूठ जाती हो, फिर मूह मोड़ कर इक तरफ बैठ जाती हो
मानने की कोशिश हम करते कई बार , नैनो की मासूमियत दिल जीत लेती हर बार |

शरारती मुझे कह कर, हमेशा तंग करने का दोष देती हो, शरारतों का आगाज़ खुद करके रत जागे मज़ा लेती हो
अपनी नटखट मुकुराहट से मेरा मन मोह लेती हो , हर बार अपने बचपने से मुझे तुम्हे दुलारने पे मजबूर कर देती हो |

यह सच है या सपना , पर यकीन है हमें के मिल गया इतने अनजनो के बीच कोई अपना |

कहते है वक़्त सब कुछ बदल देता है ..
हर पल एक नया आयाम देता है |

हमने हर इस आयाम को अपने अपनों के साथ परखा है
तेरे बैगैर इसको हमने अधूरा सा पाया है …

तुम्हारे आने से एक होने का मतलब समझा हूँ
अब तो खुदको तुझ संग हार के भी एक जीत सा महसूस करता हूँ |

पहेले हम अपने ही भय से बंधे हुए थे जैसे एक बंदिनी
छूट गए सारे डर, गिले, शिकवे ..जब हम तुम्हारे हुए नंदिनी


Responses

  1. hmmm…kya baat hai?kiske liye likha hai ?? Lucky girl🙂

  2. This is really cool raj..lovely..I am sure she is going to be worth all the wait🙂


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