Posted by: RAJ | March 22, 2010

Dosti!!

कुछ रोज पहचाने से चेहरो को देख कर ,,,,मुसकुरा उठे हम
मिल गये यार दोस्त फिर,,,,,, खिल खिला उठे हम।

हम बैठे सब साथ साथ ,,,,,हुई कुछ बाते और कुछ नयी कहाँनियो से मुलाकात
एक पल में लगा हम फिर जी लिये ,,,,,, और फिर सवर गये हमारे दिल के जज्बात ।

सब की आँखों में एक ही सवाल था,,,,,
” ए मेरे दोस्त बता तु इतने दिन कहाँ था।”

जब हम सुनते अपने शरारतो के किस्से दोबारा
ऐसा लगता जैसे आ गये मस्ती के दिन दोबारा।

कह्ते है समय बीत्ते देर नही लगती
सच है यार मेरे,,,, आज की शाम तुमहारे बिना इतनी जल्दी नही ढलती।

अल्विदा कहें के ,,,,,तुम लोगो को जाने न दुगा
“सालो फिर मिलुगा” इसका वादा जरूर करूगा।

तुम लोगो से मिल के जो हंसी लबों पर आ-ई है
हमारी दोस्ती यु ही बनी रहे ,,, यही उस रब से दुहाई है।


Responses

  1. nicely written dude…can see the flow of emotions here…”jab hum sunte apni shararaton ke kisse dobara” kaafi saare kisse hain aise…:D

  2. True .. how can we forget our School Days Man ..😀

  3. tooo goood man… awesome… i’m proud of you…

    • Thanks Yaar..

  4. wow…….awesome……i am sure thats the way all true friends feel……Jho kuch dil me hain……

    • 🙂 Thanks Machaaa

  5. I didnt know about ur this hidden talent…all are really superb…
    keep it up..


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